

जिले के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर मंगलवार को वाराणसी और प्रयागराज जाने के लिए भीड़ में थोड़ी कमी दिखी लेकिन यात्रियों की दुश्वारियां बरकरार रहीं। प्रमुख ट्रेनों के आरक्षित कोच के गेट अंदर से बंद रहे। इससे कई यात्रियों की ट्रेनें छूट गईं। रेल प्रशासन स्थिति को संभालने में नाकाम साबित होता दिखा। भीड़ से बचने के लिए आरक्षित कोच में पहले से सवार यात्री गेट बंद रख रहे हैं। जब ट्रेनें स्टेशनों पर पहुंच रही हैं तो चढ़ने वाले यात्रियों को गेट खुलवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस दौरान कई यात्रियों की ट्रेनें छूट जा रही हैं। नगर के सिटी रेलवे स्टेशन, औड़िहार जंक्शन, सादात, दुल्लहपुर, जखनिया, दिलदारनगर जंक्शन, जमानिया आदि स्टेशनों पर मंगलवार को यह नजारा आम रहा। सिटी रेलवे स्टेशन पर भोर में 4:20 बजे प्रयागराज मेमू ट्रेन बीते दिनों की तरह पूरी तरह भरकर गई। यही हाल 9:45 बजे जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस का भी रहा। जनरल बोगी में सीट न मिलने से लोगों को स्लीपर कोच में प्रवेश करते देखा गया। इसी तरह 1:55 बजे कामायनी एक्सप्रेस में भी ऐसा ही दृश्य देखने को मिला। यहां तक कि महिला यात्रियों को भी सीट नहीं मिल पाई। इससे महिलाओं को भी आरक्षित कोच में गेट के पास खड़े होकर यात्रा करते देखा गया। बलिया-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस में वातानुकूलित कोच के गेट पर लोग बैठे रहे। बीते सोमवार के मुकाबले भीड़ कम रही लेकिन इतनी भी कम नहीं कि अधिकतर यात्रियों को सीट मिल सके। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन पूरा प्रयास कर रहा है। महाकुंभ को लेकर सिटी रेलवे स्टेशन पर भीड़ का दबाव ज्यादा है। रेल प्रशासन यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने का दावा कर रहा है लेकिन सिटी रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी बंद मिली। ऐसे में रेल प्रशासन के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। इससे यात्रियों को प्लेटफाॅर्म एक से दूसरे, तीसरे और चौथे तक जाने के लिए फुट ओवरब्रिज पर चढ़ना-उतरना पड़ा। इससे महिलाओं, बुजुर्गों को काफी दिक्कत हुई। वहीं यात्रियों की भीड़ के कारण सिटी रेलवे स्टेशन रोड पर घंटे भर जाम की स्थिति रही।
प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में इतनी ज्यादा भीड़ रही कि अंदर से बंद कोच के गेट खुलवाने के लिए जीआरपी और आरपीएफ को हस्तक्षेप करना पड़ा। ब्रह्मपुत्र मेल, विभूति एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में खचाखच भीड़ रही।
महाकुंभ स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रेलवे स्टेशनों पर उमड़ रही है। दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन पर रात 2:00 बजे से सुबह 11:00 बजे तक प्रयागराज जाने के लिए यात्रियों का सैलाब देखा गया। ट्रेनों में पहले से ही भीड़ भरी होने के कारण कई श्रद्धालु ट्रेन पर सवार नहीं हो पाए। वहीं प्लेटफाॅर्म एक पर निर्मित दो शौचालयों में ताला लटकने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।












